📢 कृषि ही भारत की आत्मा और अर्थव्यवस्था का आधार: डॉ. शिशिर कुमार सिंह
हरित भविष्य की ओर: PM श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ललितपुर की छात्राओं ने कृषि विज्ञान संस्थान में सीखा वैज्ञानिक, आर्थिक और बागवानी प्रबंधन का पाठ
📍 झांसी
PM श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, ललितपुर की मेधावी छात्राओं के एक शैक्षिक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी के कृषि विज्ञान संस्थान (Institute of Agricultural Sciences) का एक महत्वपूर्ण दौरा किया।
इस ज्ञानवर्धक दौरे का आयोजन विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती अंजना वर्मा की प्रेरणा से किया गया था। छात्राओं का दल प्रभारी शिक्षिका अनीता कुमारी और रितु गुप्ता के नेतृत्व में, तथा अनुदेशकों—करुणेश नामदेव, शाहनवाज, कीर्ति, रेखा और वैष्णवी के साथ कृषि विज्ञान संस्थान पहुँचा। दौरे का उद्देश्य छात्राओं को आधुनिक कृषि की वैज्ञानिक, तकनीकी और आर्थिक संभावनाओं से परिचित कराना था।
🤝 विशेषज्ञ संकाय द्वारा गर्मजोशी भरा स्वागत
संस्थान पहुँचने पर, छात्राओं के दल का स्वागत कृषि विज्ञान संस्थान के प्रतिष्ठित संकाय सदस्यों ने गर्मजोशी और सम्मान के साथ किया। स्वागत करने वालों में डॉ. शिशिर कुमार सिंह, डॉ. सत्यवीर सिंह सोलंकी, डॉ. संतोष पांडे, डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. दिलीप गुप्ता और डॉ. नवीन कुमार शामिल थे।
दौरे का मुख्य आकर्षण डॉ. शिशिर कुमार सिंह का सारगर्भित व्याख्यान था, जिन्होंने कृषि के राष्ट्रव्यापी महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि:
डॉ.शिशिर कुमार सिंह का सारगर्भित उद्बोधन
“कृषि केवल एक पेशा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और देश की अर्थव्यवस्था का वह आधार है, जिस पर हमारे सामाजिक और आर्थिक विकास की पूरी इमारत टिकी हुई है। हमें इसे केवल एक प्राथमिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक और उद्यमशील क्षेत्र के रूप में देखना होगा।”
📚 कृषि शिक्षा: डॉ. सिंह का आह्वान
डॉ. शिशिर कुमार सिंह ने अपने संबोधन के दौरान कृषि शिक्षा (Agricultural Education) के महत्व पर विशेष बल दिया। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि, “आधुनिक कृषि विज्ञान और तकनीक पर आधारित है। अब यह केवल पारंपरिक पेशा नहीं रहा, बल्कि यह एक उच्च तकनीकी और वैज्ञानिक क्षेत्र बन गया है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास सुनिश्चित करने के लिए शिक्षित और विशेषज्ञ युवाओं की आवश्यकता है, जो भविष्य में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान वैज्ञानिक ढंग से कर सकें।
🔬 ज्ञान का गहन आदान-प्रदान और व्यावहारिक प्रबंधन
संस्थान के अन्य विशेषज्ञों ने छात्राओं को कृषि के तकनीकी और आर्थिक प्रबंधन पर गहन ज्ञान प्रदान किया:
- डॉ. सत्यवीर सिंह सोलंकी (मृदा विज्ञान विशेषज्ञ): उन्होंने मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन की जटिलताओं को समझाया और बताया कि मिट्टी की उर्वरता को वैज्ञानिक रूप से कैसे बनाए रखा जा सकता है।
- डॉ. संतोष पांडे (एग्रोनॉमी): उन्होंने कुशल फसल उत्पादन के सिद्धांतों पर मार्गदर्शन किया, जिसमें उन्नत बीजों के चयन, जल प्रबंधन और नवीनतम कृषि तकनीकों का उपयोग शामिल था।
- डॉ. हरपाल सिंह (बागवानी और संरक्षित खेती): उन्होंने छात्राओं को बागवानी (Horticulture) के माध्यम से उच्च-मूल्य वाली फसलों की खेती और संरक्षित खेती (Protected Cultivation) जैसे पॉलीहाउस का उपयोग करके अधिकतम लाभ कमाने के नवीन तरीके सिखाए।
💼 रोज़गार और उद्यमिता (Agri-Business) पर व्यापक बल
संस्थान के सभी शिक्षकों ने मिलकर यह स्पष्ट किया कि कृषि क्षेत्र में युवा महिलाओं के लिए अपार और बढ़ते हुए रोज़गार की संभावनाएं हैं।
शिक्षकों ने छात्राओं को बताया कि विशेषज्ञ ज्ञान प्राप्त करके वे खाद्य प्रसंस्करण, एग्री-टेक स्टार्टअप्स (जैसे ड्रोन प्रौद्योगिकी), और बीज/उर्वरक विपणन जैसे क्षेत्रों में न केवल आकर्षक रोज़गार प्राप्त कर सकती हैं, बल्कि सफल उद्यमी बनकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त कर सकती हैं।
🌐 आधुनिक सुविधाओं का अत्यंत प्रभावशाली अवलोकन
व्याख्यान के बाद, छात्राओं को संस्थान की अत्याधुनिक सुविधाओं का व्यावहारिक और प्रभावशाली अवलोकन कराया गया। इस दौरान:
- उन्होंने मृदा विज्ञान प्रयोगशाला को करीब से देखा, जहाँ मिट्टी की गुणवत्ता, पीएच स्तर और आवश्यक पोषक तत्वों की जाँच अत्याधुनिक उपकरणों द्वारा की जाती है।
- उन्हें कीट विज्ञान प्रयोगशाला में ले जाया गया, जहाँ फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों के जीवन चक्र और उनके वैज्ञानिक, पर्यावरण-अनुकूल नियंत्रण की जानकारी दी गई। यह अवलोकन छात्राओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा, जिसने उन्हें सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझने में मदद की।
यह शैक्षिक दौरा छात्राओं के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि इसने उन्हें कृषि को एक सम्मानजनक, लाभदायक और वैज्ञानिक करियर विकल्प के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया।
