कृषि नवाचारों के प्रसारण में रेडियो बुंदेलखंड एक महत्वपूर्ण स्तंभ: डॉ. सत्यवीर

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झाँसी/तारा ग्राम ओरछा।
कृषि क्षेत्र में नवाचारों और उन्नत तकनीकों के प्रसार को जन–जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के कृषि विज्ञान संस्थान के विद्यार्थियों का एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम रेडियो बुंदेलखंड (90.4 FM) में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. मुकेश पांडे के “खेत–किसान–वैज्ञानिक–विद्यार्थी नवाचार प्रसारण मिशन” की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


कुलपति एवं निदेशक का विज़न : बहुआयामी कृषि और तकनीकी सशक्तिकरण

कुलपति प्रो. पांडे द्वारा आरंभ किया गया यह मिशन खेतों में विकसित नवाचारों को, प्रयोगशालाओं में संपन्न शोध को और विद्यार्थियों–किसानों तक पहुँचने वाली उपयोगी जानकारियों को एक साझा मंच प्रदान करता है।
इसी दृष्टि से कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. आर. के. सैनी ने बहुआयामी कृषि पर आधारित प्रशिक्षण प्रबंधन और इससे संबंधित सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित कीं, ताकि विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में कृषि संचार का अनुभव मिल सके।


प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व : डॉ. सत्यवीर सिंह सोलंकी

संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन मृदा विज्ञान के अनुभवी विशेषज्ञ डॉ. सत्यवीर सिंह सोलंकी के नेतृत्व में किया जा रहा है।
उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को निम्न बिंदुओं पर गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है—

रेडियो में प्रसारण की तकनीकी संरचना

ऑडियो संपादन एवं प्रसारण प्रोटोकॉल

किसानों तक पहुँचने वाली सामग्री कैसे तैयार की जाए

कृषि वैज्ञानिक संदेशों को सरल भाषा में परिवर्तित करने की विधि

सामाजिक अनुसंधान व कृषि संचार की व्यावहारिक समझ


रेडियो बुंदेलखंड की टीम का योगदान

तारा ग्राम, ओरछा स्थित सामुदायिक रेडियो स्टेशन रेडियो बुंदेलखंड 90.4 की टीम विद्यार्थियों को पूर्ण सहयोग दे रही है।
प्रमुख विशेषज्ञ:

श्री मनीष समाधिया – स्टेशन प्रबंधक

सुश्री वर्षा – रिपोर्टर

श्री मातादीन कुशवाह – तकनीकी टीम

इन सभी की उपस्थिति में विद्यार्थियों को वास्तविक स्टूडियो माहौल, मशीनरी, रिकॉर्डिंग प्रक्रियाओं, स्क्रिप्ट राइटिंग और लाइव प्रोटोकॉल का विस्तृत परिचय कराया गया।


मृदा परीक्षण पर विशेष रेडियो टॉक की रिकॉर्डिंग

प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण भाग रहा—मृदा परीक्षण पर रेडियो टॉक की लाइव रिकॉर्डिंग।
स्टूडियो में रिकॉर्ड की गई यह परिचर्चा निम्न बिंदुओं पर केंद्रित थी:

मृदा परीक्षण का वैज्ञानिक उद्देश्य

इसके आर्थिक व पर्यावरणीय लाभ

फसल पोषण और खाद प्रबंधन में मृदा परीक्षण की भूमिका

मृदा परीक्षण के आधुनिक आयाम व तकनीकें

मृदा स्वास्थ्य कार्ड का महत्व

स्टेशन प्रबंधक श्री मनीष समाधिया ने यह रिकॉर्डिंग स्वयं संचालित की।
विद्यार्थियों ने रिकॉर्डिंग के समय—

आवाज़ की गति,

उच्चारण,

माइक्रोफोन से दूरी,

बैकग्राउंड नॉइज़ नियंत्रण
जैसी तकनीकी सावधानियों को प्रत्यक्ष रूप से समझा।


किसानों के लिए संदेश : “स्वस्थ धरा–स्वस्थ मानव”

परिचर्चा के दौरान डॉ. सोलंकी ने ऑनलाइन जुड़े बुंदेलखंड के किसानों को संबोधित करते हुए कहा—

“स्वस्थ धरा और स्वस्थ प्रकृति से ही स्वस्थ उत्पाद और स्वस्थ मानव की परिकल्पना संभव है। अतः किसान भाइयों को संतुलित पादप पोषण हेतु मृदा परीक्षण अवश्य कराना चाहिए और मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाना चाहिए, ताकि माननीय प्रधानमंत्री जी के सपने को मूर्त रूप दिया जा सके।”


विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता

प्रशिक्षण में शामिल विद्यार्थियों ने न केवल रेडियो तकनीक को समझा बल्कि कृषि संदेशों को प्रसारण योग्य बनाने का अभ्यास भी किया। प्रमुख सहभागी विद्यार्थियों में शामिल हैं—

आवान सिंह

मनीष कुमार

प्रिया तिवारी

विकास गुप्ता

सौरभ शुक्ला

कुलदीप रावत

अविनाश सिंह

धन्य कुमार

सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।


संकल्प : कृषि नवाचारों को गाँव–गाँव तक पहुँचाना

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान संस्थान के विद्यार्थियों के लिए न केवल सीखने का अवसर है, बल्कि उन्हें किसानों के जीवन से जुड़ने का एक व्यावहारिक और सशक्त माध्यम भी प्रदान करता है।
रेडियो बुंदेलखंड द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा यह मंच किसानों के बीच वैज्ञानिक सोच, आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों को पहुँचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।

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