कृषि विज्ञान संस्थान में छात्राओं का शैक्षणिक दौरा

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गुरसराय, झाँसी की लगभग 150 छात्राओं ने अपने विद्यालय की शिक्षिकाओं क्र.म. मनिषा कुमार (व्याख्याता), श्रीमती अनीता देवी, श्रीमती क्रांति त्रिवेदी, कुमारी कीर्ति गुप्ता, श्रीमती रीना तथा श्री कृष्णानंद तिवारी के मार्गदर्शन में बुन्देलखंड विश्वविद्यालय झाँसी स्थित कृषि विज्ञान संस्थान का विस्तृत शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं को कृषि शिक्षा की प्रयोगशाला आधारित प्रक्रिया, वैज्ञानिक कार्यप्रणालियों और आधुनिक कृषि अनुसंधान से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था।कृषि विज्ञान संस्थान की ओर से छात्राओं का स्वागत डॉ. संतोष पांडे (सहायक प्रोफेसर – Agronomy), डॉ. सत्यवीर सोलंकी (सहायक प्रोफेसर – Soil Science) तथा डॉ. नवीन कुमार द्वारा किया गया। स्वागत सत्र के दौरान छात्राओं को संस्थान की शैक्षणिक संरचना, विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं और अनुसंधान गतिविधियों के बारे में प्रारंभिक जानकारी प्रदान की गई, ताकि वे आगे होने वाले भ्रमण को बेहतर ढंग से समझ सकें।
भ्रमण के दौरान छात्राओं को सबसे पहले मृदा विज्ञान प्रयोगशाला दिखायी गई। यहाँ डॉ. सत्यवीर सोलंकी ने मृदा परीक्षण की वैज्ञानिक प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया। उन्होंने छात्राओं को बताया कि मिट्टी का pH कैसे मापा जाता है, उर्वरकों का प्रभाव क्या होता है, किस प्रकार विभिन्न रसायनिक परीक्षणों के माध्यम से मिट्टी की गुणवत्ता जाँची जाती है और आधुनिक कृषि में मृदा विश्लेषण क्यों आवश्यक है। छात्राओं ने pH मीटर, इलेक्ट्रिक शेकर्स, विभिन्न रासायनिक अभिकर्मकों और परीक्षण उपकरणों को नज़दीक से देखा और मृदा परीक्षण की वास्तविक प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से समझा। कई छात्राओं ने पहली बार प्रयोगशाला में होते वैज्ञानिक कार्यों को इतने करीब से देखा, जिससे उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ती दिखाई दी।
इसके बाद छात्राओं को कीट विज्ञान प्रयोगशाला (Entomology Lab) में ले जाया गया, जहाँ डॉ. अभिषेक चौधरी ने कृषि में कीटों की भूमिका और उनकी विविधता के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने लाभकारी कीट, हानिकारक कीट, प्राकृतिक शत्रु, कीटों की संरचना, कीट संग्रहण पद्धति और संरक्षित नमूनों के महत्व पर जानकारी दी। छात्राओं ने माइक्रोस्कोप के माध्यम से कीटों की सूक्ष्म संरचना को देखा और विभिन्न प्रजातियों के नमूनों का अवलोकन किया। कीटों की विविधता और उनके वैज्ञानिक अध्ययन को देखकर छात्राएँ अत्यंत उत्साहित दिखाई दीं। यह अनुभव उनके लिए बेहद नया और ज्ञानवर्धक रहा।
भ्रमण के दौरान डॉ. संतोष पांडे ने छात्राओं से कृषि के आधुनिक आयामों, फसल प्रबंधन, मौसम आधारित खेती, जैविक कृषि, नवाचारों और कृषि क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं पर संवाद किया। उन्होंने बताया कि आज कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि विज्ञान, कृषि तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, पौध संरक्षण, मृदा विज्ञान, कृषि इंजीनियरिंग और एग्रीप्रेन्योरशिप जैसे अनेक क्षेत्रों में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
डॉ. नवीन कुमार ने संस्थान में संचालित डिग्री कार्यक्रमों, शोध परियोजनाओं और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण के बारे में बताते हुए छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित किया l
विद्यालयीन शिक्षिकाओं ने कहा कि इस प्रकार का शैक्षणिक भ्रमण छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है। इससे छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है, उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ती है और भविष्य में कृषि विज्ञान या अन्य वैज्ञानिक विषयों में करियर बनाने की प्रेरणा मिलती है। छात्राओं ने भी विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं, आधुनिक उपकरणों और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को देखकर उत्साह व्यक्त किया और कहा कि यह अनुभव उनके लिए यादगार रहा।यह शैक्षणिक भ्रमण छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ, जिसने कृषि विज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति उनकी रूचि को और अधिक मजबूत किया।

